वायनाड में राहुल गांधी बोले, यहां मन की बात करने नहीं आया - social Gyan

Post Top Ad

Responsive Ads Here

वायनाड में राहुल गांधी बोले, यहां मन की बात करने नहीं आया

Share This

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि वह झूठे वादे नहीं करना चाहते लेकिन उनके मन की बात सुनने के बाद उनके मसले सुलझाने को पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। तो वहीं राहुल ने कहा कि वह यहां अपने मन की बात कहने नहीं आए हैं, बल्कि लोग यहां जो समस्याएं झेल रहे है। जैसे कि रात में यात्रा पर प्रतिबंध, मानव पशु संघर्ष और चिकित्सा सुविधाओं में अभाव आदि को समझने आए है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा मैं प्रधानमंत्री की तरह नहीं हूं, मैं यहां यह कहने नहीं आया कि मैं आपको दो करोड़ नौकरियां दूंगा, आपके खाते में 15 लाख रुपए आएंगे। मैं किसानों को जो कुछ चाहिए, वह सब दूंगा। मैं झूठ नहीं बोलूंगा, क्योंकि मैं आपकी समझदारी एंव बुद्धिमानी का सम्मान करता हूं।

राहुल गांधी ने कहा कि मैं केवल कुछ महीनों का रिश्ता नहीं चाहता। मैं जिंदगीभर का साथ चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि वायनाड की बहनें कहें कि मैं उनके भाई जैसा हूं, माता-पिता कहें कि मैं उनका बेटा हूं।

इसके बाद कहा कि मैंने जब साउथ इंडिया से चुनाव लडने का निर्णय लिया। तो मुझे लगा कि वायनाड एक सुंदर जगह है। क्योंकि यहां पर विभिन्न विचारों, संस्कृतियों का नेतृत्व करता है। केरल शांतिपूर्ण सह अस्तित्व का उदाहरण है। केरल और वायनाड से बाकी देश काफी कुछ सीख सकता है। जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने दक्षिण भारत से चुनाव लडने का निर्णय इ​सलिए किया क्योंकि वह यह रेखांकित करना चाहते हैं कि दक्षिण भी उतना ही महत्वपूर्ण है जैसे देश के बाकी हिस्से।




from National - samacharjagat.com
आगे पढ़े -समचरजगत

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here