विद्याधर नगर की पीपीपी आधारित शहरी पीएचसी में भारी प्रबंधकीय व वित्तीय अनियमितताएं - social Gyan

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विद्याधर नगर की पीपीपी आधारित शहरी पीएचसी में भारी प्रबंधकीय व वित्तीय अनियमितताएं

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जयपुर। विशिष्ट शासन सचिव एवं एनएचएम मिशन निदेशक डॉ. समित शर्मा ने शुक्रवार को प्रात: विद्याधर नगर वार्ड नम्बर 9 एवं अम्बाबाड़ी वार्ड नं.10 स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया। पीपीपी मोड में संचालित इन दोनों राजकीय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र्रों के संचालन में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर नोटिस जारी किये गये हैं। प्रदेशभर में पीपीपी मोड पर एनयूएचएम के अंतर्गत 34 शहरी स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं।

मिशन निदेशक प्रात: 9 बजकर 10 मिनट पर विद्याधर नगर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान केवल एक सफाई कर्मचारी एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर ही उपस्थित मिले। चिकित्सक सहित शेष 11 कार्मिक अनुपस्थित मिले। पीपीपी मोड की सेवा प्रदाता फर्म नौरांग राम धुकिया शिक्षण संस्थान द्वारा यह केंद्र संचालित है। निरीक्षण में स्वास्थ्य केन्द्र पर स्टॉफ की दैनिक उपस्थिति का रजिस्टर ही नहीं पाया गया। अनियमित संचालन पाये जाने पर त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर-प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा के नेतृत्व में एनएचएम मुख्यालय के अधिकारियों की टीम गठित कर केन्द्र पर जाकर सघन जांच करने के निर्देश दिये गये। टीम ने विद्याधर नगर एवं अम्बाबाड़ी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जाकर गहन जांच कर स्वास्थ्य मुख्यालय को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की।

जांच में पाया गया कि फर्म द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार इस पीएचसी पर कार्मिकों की नियुक्ति ही नहीं की गयी है। यहां तक कि फार्मासिस्ट एवं लैब टेक्निशियन जैसे महत्वपूर्ण पद भी भरे नहीं गये हैं। अकाउंटेंट-कम-डाटा एंट्री ऑपरेटर के स्थान पर सिर्फ डाटा एंट्री ऑपरेटर लगाना पाया गया है। कार्यरत कार्मिकों की रिकार्ड से संबंधित कोई फाइल उपलब्ध नहीं है। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि स्वास्थ्य केन्द्र पर मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत मात्र इनडेंट भेजकर जिला औषधि भंडार से दवाइयां प्राप्त की जाती रही हैं। लेकिन दवाइयों के उपयोग व आपूर्ति संबध्ंाी आवश्यक स्टॉक में एंट्री ही नहीं की जा रही है जो कि एक अत्यंत गंभीर अनियमितता है।

निरीक्षण में एक और गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई है। शहरी पीएचसी संचालक फर्म द्वारा आज दिनांक तक स्वास्थ्य केन्द्र के मेडिकल रिलीफ सोसायटी में किसी भी प्रकार की राशि जमा नहीं कराना पाया गया है। उल्लेखनीय है कि इस सोसायटी में पंजीयन शुल्क के रूप में ली जानी वाली राशि को अनुबंध की शर्तों के अनुसार एमआरएस बैंक खाते में जमा कराना अनिवार्य है। रिकार्ड जांच के अनुसार वर्ष 2018 व 2019 में कुल 15 हजार 920 मरीजों का पंजीयन किया गया था। प्रति मरीज 10 रुपये का पंजीयन शुल्क लिये जाने का प्रावधान है। आउटरीच कैम्प के आयोजन पर होने वाले व्यय में भी जांच रिपोर्ट में अनियमितताएं दर्शायी गयी हैं।

जिला मुख्यालय से प्राप्त राशि का कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं मिला है एवं उससे किये गये खर्चों का विवरण भी नहीं मिला एवं इसके बहीखाते व कैशबुक भी झुंझुुनूं स्थित संस्था के हैड ऑफिस में होना बताया गया। भवन किराया नामा, सी.ए. ऑडिट स्टॉफ योग्यता दस्तावेज, रोकड़बही, बाउचर्स, इत्यादि आवश्यक दस्तावेज भी हैड ऑफिस में होना बताया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी इस संस्था को 3 बार नोटिस जारी किये जा चुके हैं।

मिशन निदेशक ने नोटिस जारी किया
एनएचएम मिशन निदेशक डॉ. समित शर्मा द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर -प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा से प्राप्त जांच रिपोर्ट पर त्वरित कार्यवाही करते हुए देर शाम पीपीपी संस्था नोरांग राम दयानन्द दुकिया शिक्षा संस्थान को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में स्वास्थ्य केन्द्र हेतु स्वीकृत 13 अधिकारियों व कार्मिकों में से निरीक्षण के दौरान 11 अनुपस्थित होने, आज दिनांक तक फार्मासिस्ट एवं लेब टैक्निशियन का नियुक्त नहीं करने, ई-औषधी सॉफ्टवेयर में पर्चियों का इन्द्राज नहीं करने संबंधित अनियिमितताओं पर जवाब मांगा है। साथ ही आरएमआरए खाते में वित्तीय अनियमितता करते हुए अपने स्तर पर ही राशि का उपयोग करने सहित केन्द्र का भवन किराया नामा, सीए ऑडिट रिपोर्ट, स्टॉफ योग्यता दस्तावेज, रोकड़ बही, बीआरएस, वाउचर्स/बिल इत्यादि आवश्यक दस्तावेजों का नहीं पाया जाने को गंभीरता से लिया गया है।

सेवा प्रदाता फर्म से आज दिनांक तक कुल ओपीडी 15 हजार 920 के अनुसार आउटडोर पर्ची से रुपये 1 लाख 59 हजार 200 राशि अर्जित आय को राजकीय हानि मानते हुए ब्याज सहित वसूली करने को नोटिस में उल्लेखित किया है। साथ ही स्वास्थ्य सेवाऐं पीपीपी अनुबन्ध की शर्तों के अनुसार उपलब्ध नहीं करवाने के बदले केन्द्र संचालन हेतु निर्धारित अब तक दी गयी राशि प्रतिमाह 1 लाख 75 हजार की वसूली की कार्यवाही करने हेतु भी लिखा है। नोटिस का उचित जवाब आगामी 3 दिनों में प्राप्त नहीं होने की स्थिति में वित्तीय पैनल्टी सहित अनुबंध समाप्त करने की बात कही गयी है।


अंबाबाड़ी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को भी नोटिस
मिशन निदेशक ने विकल्प इंडिया सोसायटी के प्रबंधन में संचालित अम्बाबाड़ी के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान वहां पदस्थापित चिकित्सक, जी.एन.एम. एवं ए.एन.एम. ही उपस्थित मिले। मौजूद 5 अन्य कार्मिक ड्यूटी समय में बिना यूनीफार्म में पीएचसी से कुछ दूर धूप में खड़े मिले। उन्होंने इन स्वास्थ्य केन्द्रों पर संबंधित दस्तावेजों एवं दर्ज रिर्काड्स की जांच भी की। डॉ. शर्मा ने इस केन्द्र पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी पाये जाने पर नोटिस जारी किया है।

नोटिस में निरीक्षण के दौरान पायी गयी कमियों जैसे जीएनएम, एएनएम एवं फार्मासिस्ट व 2 अन्य स्टॉफ का चिकित्सा संस्थान परिसर के बाहर सडक़ के दूसरी ओर धूप सेकते हुए, यूनिफॉर्म भी नहीं पहने, केन्द्र पर मौजूद चिकित्सा अधिकारी प्रभारी का समाचार पत्र पढ़ते हुए मिलना एवं परिसर में मात्र 01 रोगी ही मौजूदगी होना, इत्यादि के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।




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