पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में गुरमीत राम रहीम पर फैसला आज, परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर - social Gyan

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पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में गुरमीत राम रहीम पर फैसला आज, परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर

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नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम का पूरा सच जानने वाले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में आज बड़ा दिन है। पंचकुला की स्पेशल CBI कोर्ट इस मामले में फैसला सुनाएगी। आपको बता दें कि इस पत्रकार की हत्या मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम आरोपी है। हालांकि वे इन दिनों रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। ऐसे में गुरमीत की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये की होगी। पहले पुलिस गुरमीत सिंह राम रहीम की कोर्ट में पेशी को लेकर परेशान थी, लेकिन बाद में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही इस मामले में उसे पेश करने का फरमान जारी किया गया। खास बात यह है कि जिस जज ने साध्वी दुष्कर्म मामले में गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाई थी वहीं जज आज भी इस केस में अपना निर्णय सुनाएंगे।

इस अहम मामले के चलते सुनारिया जेल और विशेष अदालत के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी भी तरह की अप्रिय घटना न घटे इसके लिए पहले से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। यही नहीं हरियाणा के साथ-साथ पंजाब पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है।


फैसले से पहले सुरक्षा व्यवस्था
- 8 जिलों में सुरक्षा बल तैनात
- 25 सुरक्षा बल की कंपनियां रखेंगी निगरानी
- 1200 जवान बठिंडा और मानसा में तैनात
- 700 जवान फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा और फाजिल्का में मुस्तैद
- 150 जवान बरनाला में रहेंगे तैनात
- 50-50 सुरक्षाकर्मी नामचर्चा घरों में करेंगे निगरानी


आपको बता दें कि अगस्त 2017 में राम रहीम को सजा सुनाए जाने के दौरान हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। 51 वर्षीय राम रहीम अपनी दो अनुयायियों के बलात्कार के जुर्म में रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है। पुलिस को डर था कि अगर गुरमीत सिंह राम रहीम को पंचकुला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया तो ऐसे में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है. डेरा समर्थक बेकाबू हो सकते हैं. इसी के चलते हरियाणा सरकार ने पंचकुला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में अपील की थी. जिसे कोर्ट ने मान लिया

ये है पूरा मामला
रामचंद्र छत्रपति हरियाणा के सिरसा में 'पूरा सच' नाम के अख़बार के संपादक थे, जिनकी 2002 में हत्या कर दी गई थी। वो लगातार अपने समाचार पत्र में डेरे में होने वाले अनर्थ से जुड़ी खबरों को छाप रहे थे. पत्रकार के परिवार ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. उनकी याचिका पर अदालत ने इस हत्याकांड की जांच नवंबर 2003 को सीबीआई के हवाले कर दी थी. 2007 में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करते हुए डेरा मुखी गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना था। इस मामले में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और कुछ डेरा 'प्रेमी' नामजद हुए और 11 जनवरी को पंचकुला में एक सीबीआई अदालत इस मामले में फ़ैसला सुनाएगा।




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