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बाल विवाह से अफ्रीकी देशों को उठाना पड़ता है अरबों का नुकसान: विश्व बैंक

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अकरा। विश्व बैंक की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक उप-सहारा अफ्रीका में एक तिहाई से अधिक लड़कियों का विवाह उनके 18वें जन्मदिन से पहले कर दिया जाता है, जिससे देशों को अरबों डॉलर का नुकसान होता है।

रिपोर्ट के अनुसार 12 देशों में किए गए अध्ययन के मुताबिक यह लड़कियां अन्य बालिकाओं की तुलना में कुछ ही साल तक शिक्षा हासिल कर पाती हैं और इस वजह से इन देशों को 63 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ता है।

इस तरह की एक कहानी रुविबो तोपोजी की है जिसे 15 वर्ष की उम्र में 22 वर्ष के शख्स से इसलिए शादी करनी पड़ी थी क्योंकि उसके पिता ने दोनों को साथ में देखकर समझ लिया था कि दोनों रिश्ते में हैं।
उस समय वे शख्स तोपोजी से शादी करने के लिए कह रहा था।

तोपोजी ने मना कर दिया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और पिता की नजर दोनों पर पड़ गई। पिता ने बच्ची का नाम स्कूल से कटाकर उस शख्स से शादी करा दी। कुछ दिन बाद वह गर्भवती हो गई। जब उसका पति गाली-गलौज करने लगा तो उसे वापस अपने परिवार के पास आने दिया गया।

तब से तोपोजी अन्य लड़कियों को इस बुरे अनुभव से बचाने के लिए प्रयासरत है। उसने सरकार पर भी कानून में बदलाव करने और शादी के लिए सहमति देने की न्यूनतम कानूनी उम्र 16 से 18 साल करने की मांग की।

तोपोजी ने इस विषय पर घाना की राजधानी अकरा में हाल ही में हुए एक सम्मेलन में कहा कि मां बनकर बाल विवाह की जकड़न से निकलने के बाद मैं इस प्रथा को समाप्त करने के लिए जद्दोजहद कर रही हूं।

एजुकेटिग गर्ल्स एंड एंडिग चाइल्ड मैरिज शीर्षक से रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि बच्चियां अधिक माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करेंगी तो उनकी शादी 18 की उम्र से पहले होने की संभावना पांच प्रतिशत या उससे अधिक घट जाएगी।

अफ्रीकी संघ ने 2023 तक बाल विवाह रोकने के लिए अभियान चलाया है और तब से 24 देशों ने इस प्रथा को समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय रणनीतियों पर अमल करना शुरू कर दिया है।

गर्ल्स नॉट ब्राइड्स संगठन की वेत्ते कठुरिमा मुहिया ने कहा कि इसके अलावा भी बहुत कुछ करना जरूरी है और खासकर बच्चियों को मुफ्त भोजन, सैनिटरी का सामान और परिवहन के साधन मुहैया कराकर स्कूलों में कायम रखना जरूरी है।




from International - samacharjagat.com
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