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मध्य प्रदेश में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों के लिये बुधवार को मतदान शुरू हो गया। जहां 227 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक तथा बालाघाट जिले के 3 नक्सल प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों परसवाड़ा, बैहर एवं लांजी में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा।

इस अहम चुनाव में भाजपा लगातार चौथी दफा प्रदेश की सत्ता में आने के लिये जीतोड़ कोशिश कर रही है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस पिछले 15 साल से सत्तारुढ़ भाजपा को सत्ता से बेदखल करने का प्रयास कर रही है। भाजपा ने अबकी बार 200 पार का लक्ष्य तय किया है। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हो रहे हैं।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांता राव ने मंगलवार को बताया था कि इस चुनाव में कुल 5,04,95,251 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे जिनमें 2,63,01,300 पुरुष, 2,41,30,390 महिला एवं 1,389 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं। इनमें से 65,000 सर्विस मतदाता डाक मतपत्र से पहले ही मतदान कर चुके हैं। बाकी 5,04,33,079 मतदाता आज अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

उन्होंने बताया कि इस चुनाव के लिए 1,094 निर्दलीय उम्मीदवार सहित कुल 2,899 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 2,644 पुरूष, 250 महिलाएं एवं पांच ट्रांसजेंडर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि समूचे राज्य में 65,367 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से 17,000 मतदान केन्द्र संवेदनशील घोषित किये गये हैं, जहां केन्द्रीय पुलिस बल और वेबकास्टिंग के साथ माइक्रो पर्यवेक्षक भी तैनात किये गये हैं। सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान के लिये ईवीएम के साथ वीवीपैट का उपयोग होगा।

उन्होंने बताया कि राज्य में शांतिपूर्वक, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए 1.80 लाख सुरक्षा कर्मी तैनात किये गये हैं, जिनमें केन्द्रीय और राज्य के सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तैयारी की है। मध्य प्रदेश में इस बार भी मुख्य रूप से भाजपा एवं कांग्रेस के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है।

हालांकि, प्रदेश में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी (आप) का दावा है कि वह दिल्ली वाली अपनी सफलता को राज्य में दोहराएगी, जहां 2015 के चुनाव में उसने कांग्रेस और भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया था। इसके अलावा, कई अन्य पाॢटयां इस बार मैदान में हैं, जिनमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को केंद्र सरकार द्वारा पलटे जाने के विरोध में सवर्ण संगठनों द्वारा बनाई गई सपाक्स समाज पार्टी शामिल है।

भाजपा ने सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 229 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं और एक सीट अपने सहयोगी शरद यादव के लोकतांत्रिक जनता दल के लिये छोड़ी है। आप 208 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, बसपा 227, शिवसेना 81 और सपा 52 सीटों पर चुनावी मैदान में है। ये छोटी पार्टिया प्रदेश की मुख्य दलों भाजपा एवं कांग्रेस के लिए सिर दर्द बन गई हैं, क्योंकि ये इनकी जीत को हार में बदलने की अहम भूमिका अदा कर सकते हैं।

राव ने बताया कि प्रदेश में कुल 3,00,782 कर्मचारी चुनाव कार्य में लगाये गये हैं, जिनमें 45,904 महिला कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 160 मतदान केन्द्र केवल दिव्यांग कर्मचारियों के जिम्मे रहेंगे। ये बूथ पूरी तरह दिव्यांग कर्मचारी ही संचालित करेंगे। इसके अलावा 3,046 मतदान केन्द्र केवल महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित किये जायेंगे।

उन्होंने बताया कि अटेर एवं मेहगांव दो विधानसभा सीटों में 32 से ज्यादा उम्मीदवार हैं। वहां पर तीन-तीन बैलट यूनिट लगाये जा रहे हैं। वहीं, 45 सीटें ऐसे हैं, जहां पर 16 से 32 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहां पर दो-दो बैलट यूनिट लगेंगे। उन्होंने कहा कि छतरपुर विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा सात महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। वहां पर कुल 16 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं मेहगांव में सबसे ज्यादा 33 पुरूष प्रत्याशी हैं। वहां पर कुल 34 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतगणना 11 दिसंबर को होगी।एजेंसी




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