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मप्र चुनाव: तीन घंटे तक ईवीएम खराब रहने वाले केंद्रों पर भाजपा-कांग्रेस की पुनर्मतदान की मांग

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भोपाल। सत्तारूढ़ भाजपा एवं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से बुधवार को मांग की है कि मध्यप्रदेश में जिन-जिन मतदान केंद्रों में ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) में खराबी से तीन घंटे तक मतदान नहीं हुआ वहां पुनर्मतदान कराया जाए। उधर, आयोग का कहना है कि राज्य की 230 विधानसभा सीटों के किसी भी मतदान केंद्र में ईवीएम की खराबी या अन्य कारण से दो घंटे से अधिक मतदान नहीं रूका। इसके अलावा, जो भी मतदाता शाम पांच बजे तक प्रदेश के किसी भी मतदान केंद्र पर कतार में खडे थे, उन सबको हमने मतदान कराया।

विधानसभा चुनाव मतदान खत्म होने के बाद प्रसन्नता से भरे कमलनाथ ने यहां संवाददाताओं को बताया, ;;मैंने आज भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओ पी रावत एवं मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांता राव से फोन पर बात कर उनसे मांग की है कि प्रदेश के जिन-जिन मतदान केंद्रों में ईवीएम खराबी के कारण तीन घंटे मतदान नहीं हुआ, वहां दोबारा मतदान कराया जाये।

उन्होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र से ईवीएम खराबी की शिकायत मिली है। कहीं, एक घंटे, कहीं दो घंटे और कहीं तीन घंटे से ज्यादा चुनाव नहीं हो पाया। कमलनाथ ने कहा कि कहीं पर एक तो कहीं पर उससे ज्यादा ईवीएम मशीनें खराब हुई। उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कंाता राव ने भी स्वीकार किया कि हमारी रिप्लेसमेंट ईवीएम मशीनें भी खराब हुई।
इसके अलावा, कुछ वीडियो स्क्रीन पर दिखाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं पीठासीन अधिकारी मतदाताओं को यह कहता हुआ वीडियो में दिखाई दे रहा है कि दो नंबर पर बटन दबा दो, जो भाजपा की चुनाव चिन्ह है।

कमलनाथ ने यह भी आरोप लगाया कि लहार विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ईवीएम में तोडफ़ोड़ की। कमलनाथ ने बताया कि हमने चुनाव आयोग से चुनाव के बारे में 50 शिकायतें की हैं। इधर, भाजपा के एक प्रतिनिधिमडल ने निर्वाचन आयोग से शिकायत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के कुछ स्थानों पर ईवीएम खोलने में मतदान कॢमयों को काफी समस्याएं आई थी, जिस कारण वहां देर से मतदान प्रक्रिया शुरू हो पायी।

इसके अलावा, भाजपा ने आरोप लगाया कि कई मतदान केंद्रों में ईवीएम एक के बाद एक खराब होती गई और कई स्थानों पर मशीनें उपलब्ध नहीं होने के कारण 3 से 4 घंटे तक मतदान प्रक्रिया स्थगित रही। भाजपा द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार इससे नाराज अधिकांश मतदाता मतदान किए बगैर ही लौट गए। सतना जिले में मतदान की प्रक्रिया बहुत लंबे समय तक बाधित रही। भाजपा ने आयोग से मांग की है कि ऐसे मतदान केंद्रों में पुनर्मतदान कराया जाये। भाजपा प्रतिनिधिमंडल में शांतिलाल लोढ़ा, एस.एस. उप्पल, ओमशंकर श्रीवास्तव एवं रवि कोचर शामिल थे।

उधर, मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी एल कांता राव ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि कंाग्रेस ने पीठासीन अधिकारियों से ईवीएम के खराब होने के बारे में शिकायत की है। उन्होंने कहा पर्यवेक्षक इन शिकायतों की जांच के बाद चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजेगा। इसके बाद आयोग इस पर विचार करेगा।

राव ने बताया, हमारी जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के किसी भी हिस्से में ईवीएम की खराबी के कारण मतदान दो घंटे से ज्यादा समय तक नहीं रूका। जो भी पांच बजे तक मतदान केंद्र में कतार में खडे थे, उन सबको मतदान कराया गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस संबंध में आबजर्वर की रिपोर्ट पर विश्वास करता है। जब उनसे सवाल किया गया कि मतदान के दौरान बड़ी तादाद में ईवीएम खराब हुई तो राव ने कहा कि यह डेढ़ प्रतिशत था, जो औसतन ही है।

बड़ी तादाद में वीवीपैट के खराब होने पर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि वीवीपैट केवल साढ़े तीन प्रतिशत खराब हुए, जो कर्नाटक एवं गुजराज में हुए चुनाव से कम है। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि यह छत्तीसगढ़ में इस महीने हुए चुनाव से ज्यादा है। छत्तीसगढ़ में करीब दो प्रतिशत वीवीपैट खराब मिले थे। एजेंसी




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